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सूचना

एकमुश्‍त समझौता योजना 2017-18 के तहत अवधिपार ऋणियों को ब्‍याज में 50 प्रतिशत छूट की घोषणा
प्राथमिक भूमि विकास बैंकों द्वारा वर्तमान में किसानों एवं लघु उद्यमियों को 12.85 प्रतिशत वार्षिक ब्‍याज दर पर दीर्घकालीन ऋण उपलब्‍ध करवाये जा रहे हैं।

 
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व्यक्तिगत वाहन ऋण योजना

राज्य की प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक अपने कार्यक्षेत्र में अपने सदस्यो को व्यक्तिगत उपयोग हेतु दुपहिया/चौपहिया वाहन जैसे स्कूटर, मोटर साईकिल, मोपेड, कार, जीप आदि क्रय करने हेतु ऋण सुविधा उपलब्ध करा सकेगे । योजना के मुख्य बिन्दु निम्न प्रकार है:-

 

view more ऋण की पात्रता   view more ऋण की सिक्यूरिटी   view more हिस्सा राशि
view more योजना के मद   view more ऋण क्षमता का ऑकलन   view more ब्याज दर
view more ऋण राशि एवं मार्जिन   view more ऋण चुकारे की क्षमता   view more ऋण राशि का निर्गमन
view more रजिस्ट्रेशन   view more ऋण स्वीकृति प्रक्रिया   view more आवश्यक अभिलेख 
view more बीमा   view more प्रशासनिक शुल्क   view more पर्यवेक्षण एवं मोनेटरिंग
view more ऋण की अवधि          

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

1 ऋण की पात्रता

व्यक्तिगत वाहन हेतु ऋण प्राप्त करने के लिए पात्रता निम्न प्रकार होगी:-

1- प्रार्थी सहकारी भूमि विकास बैंक के कार्यक्षैत्र का निवासी हो।

2- केन्द्र/राज्य सरकार/बैंक/बीमा/अर्द्धसरकारी संगठन/सहकारी संस्थाओं में कार्यरत स्थाई/नियमित वैतनिक कर्मचारी/ सार्वजनिक/ प्रतिष्ठित व्यापारिक संस्थानो में कार्यरत नियमित कर्मचारी ।

3- प्रोफेशनल जैसे डाक्टर,इंजिनियर, चार्टड अकाण्टेण्ट, कम्पनी सेक्रेटरी/आर्किटेक्ट आदि।

4- गत दो वर्षो से आयकरदाता व्यवसायी ।

5- कृषि आय के आधार पर कृषक ।

 

2 योजना के मद

वाहन के खर्च में निम्न मद शामिल किये जा सकते हैं:-

(अ) अधिकृत वाहन विक्रेता के कोटेशन के आधार पर वाहन का मूल्य

(आ) आवश्यक ऐसेसरीज का मूल्य(ऐसेसरीज की विगत अंकित की जाय)।

(इ) बीमे का खर्चा

 

3 ऋण राशि एवं मार्जिन

उपरोक्तानुसार वाहन के कुल मूल्य का अधिकतम 85 प्रतिशत तक ऋण स्वीकृत किया जा सकेगा । शेष 15 प्रतिशत राशि आवेदक को वहन करनी होगी । ऋण की मार्जिन राशि बैंक में जमा कराकर सम्पूर्ण राशि के रेखाकिंग चैक द्वारा संबंधित डीलर एवं बीमा कम्पनी को भुगतान किया जायेगा ।

दुपहिया वाहन/ चौपहिया वाहन कि वास्त्विक किमत 85% तक क्रय स्वीक्रत किय जा सकता है साथ ही ऋण क्षमता एवम क्रय चुकारे कि क्षमताके आधार पर स्वीक्रत किया जा सकेगा ।

 

4 रजिस्ट्रेशन:

वाहन का पंजीयन जिला परिवहन कार्यालय में व्यक्तिगत वाहन के रूप में नियमानुसार कराया जायेगा एवं पंजीयन में बैंक का नाम वित्तदाता की हैसियत से दर्ज होगा । पंजीयन की सत्यापित फोटो प्रति बैंक रिकार्ड में संलग्न की जायेगी ।

 

5 बीमा

बैंक राशि से क्रय किये जाने वाले वाहन की पूर्ण लागत का कम्प्रीहैन्सिव बीमा कराया जायेगा जिसमें बैंक का नाम वित्त दाता की हैसियक से दर्ज होगा । तथा इसे बैंक के पक्ष में डिस्चार्ज कराया जायेगा । पूर्ण ऋण मय ब्याज के चुकारे तक बीमे का प्रतिवर्ष ऋणी द्वारा नवीनीकरण कराया जाकर बीमे की सत्यापित प्रति प्रतिवर्ष बैंक को उपलब्ध करायी जायेगी। ऋणी द्वारा समय पर नवीनीकरण न कराने की दशा में बैंक द्वारा बीमे का नवीनीकरण कराकर बीमे की किश्त ऋणी के खाते में जोड़(डेबिट) दी जायेगी । ऋण स्वीकृत करते समय प्राथी से इस संबंध में लिखित में सहमति प्राप्त की जाये।

 

6- ऋण की अवधि

दुपहिया/चौपहिया वाहन हेतु ऋण के भुगतान की अधिकतम अवधि 60 माह होगी। वाहन ऋण अग्रिम करने के एक माह पश्चात किश्तो का भुगतान प्रारम्भ होगा । ऋण एवं ब्याज की मासिक किश्ते निर्धारित की जायेंगी।

 

7-ऋण की सिक्यूरिटी

प्रत्याभूति स्वरुप आवेदक के नाम स्वयं के स्वामित्व की भारमुक्त कृषि/ आवासीय/ वाणिज्यिक भूमि/ भवन, एवं /अथवा एन-एस-सी-, किसान विकास पत्र अथवा भूमि विकास बैंक में सावधि जमा निम्न प्रकार स्वीकार किये जा सकते है :-

क्र-सं- विवरण मूल्यांकन की विधि

1- कृषि/ आवासीय भूमि/ वाणिज्यिक भूमि गत तीन वर्षो की औसत विक्रय दर के आधार पर ।

2- पूर्व निर्मित भवन मूल्यांकन राजकीय कनिष्ठ/सहायक अभियन्ता अथवा राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित इंजीनियर/वेल्यूअर द्वारा ।

3- चल सम्पत्ति जैसे आवेदक के नाम एन-एस-सी-, किसान विकास पत्र एवं/अथवा प्राथमिक भूमि विकास बैंक में सावधि जमा खरीद मूल्य के अधिकतम 80 प्रतिशत तक । इन पर बैंक का भार दर्ज कराया जावे।

प्रत्याभूति स्वरूप प्रस्तुत भूमि एवं भवन पर बैंक का भार दर्ज कराया जायेगा। ऋण राश से क्रय किये गये वाहन को बैंक के पक्ष में बन्धक/ हाइपोथिकेट कराया जावेगा।

50,000/-रू- तक का ऋण क्षैत्र के 2 प्रतिष्ठित व्यक्तियो की जमानत के आधार पर ऋण चुकाने की क्षमता बनने पर उपलब्ध कराया जा सकता है ।

राज्य सरकार/अनुसूचित वाणिज्यिक बैेक/ सहकारी बैक/ बीमा/ अर्द्धसरकारी संगठन/ सहकारी संस्थाओं में गत 2 वर्षों से अधिक से कार्यरत्त नियमित वैतनिक कर्मचारियों को, जिनकी सेवाअवधि में कम से कम 5 वर्ष का समय शेष हो, को उनके नियोक्ता द्वारा उनके प्रार्थना पत्र वाहन ऋण हेतु अग्रेषित करने एवं अवधिपार होने की दशा में उनके वेतन एवं अन्य परिलाभों से ऋण एवं ब्याज की वसूली कर बैंक को राशि भेजने हेतु लिखित में अण्डरटेकिंग देने पर बिना चल अथवा अचल सम्पत्ति की प्रत्याभूति के उनके 12 माह के वेतन तक अथवा वाहन की कीमत तक, जो भी कम हो ऋण स्वीकृत किया जा सकता है।

 

8- ऋण क्षमता का ऑकलन

रहन हेतु प्रस्तावित भूमि पूर्व निर्मित भवन के मूल्यांकन का 60 प्रतिशत तक तथा एन-एस-सी-, के-वी-वी- तथा सावधि जमा के खरीद मूल्य का 80 प्रतिशत तक ऋण क्षमता का ऑकलन किया जा सकता हैं।

 

9- ऋण चुकारे की क्षमता

ऋण चुकारे की क्षमता का आंकलन निम्न प्रकार किया जायेगा :-

1- वेतनभोगी व्यक्तियों के मामले में नियोक्ता से प्राप्त उनके वेतन प्रमाण पत्र के आधार पर समस्त कटौतियों पश्चात शुद्ध मासिक आय का अधिकतम 33 प्रतिशत तक उनकी ऋण चुकारे की क्षमता मानी जायेगी ।

2- व्यवसाइयों के केस में आयकर विभाग द्वारा जारी कर निर्धारण पत्र में दर्शायी गत दो वर्षों की ओसत आय के आधार पर अधिकतम 33 प्रतिशत तक उनकी ऋण चुकारे की क्षमता मानी जायेगी । 3- कृषि भूमि से आय के आधार पर ऋण चाहने वाले व्यक्तियों को उनकी भूमि के अनुसार उत्पादन व्यय को घटाकर शुद्ध आय का 33 प्रतिशत तक उनकी ऋण चुकारे की क्षमता मानी जायेगी ।

4- ऋण स्वीकृति के समय आवेदको के पारिवारिक मासिक खर्चो, अन्य देनदारियों आदि को दृष्टिगत रखते हुए ऋण चुकारे की क्षमता का आंकलन किया जाय।

 

10-ऋण स्वीकृति प्रक्रिया

ऋण प्रार्थना पत्र प्राप्त होने पर उसकी विस्तृत जॉच करेंगे । तत्पश्चात्‌ शाखा अधिकारियों द्वारा अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की जावेगी तथा शाखा सचिव प्राथमिक बैंक स्तर पर निर्धारित ऋण स्वीकृति के अधिकारो के तहत अग्रिम कार्यवाही करेंगे। पत्रावली प्रधान कार्यालय स्तरपर स्वीकृत होने की दशा में शाखा सचिव अपनी रिपोर्ट के साथ पत्रावली प्राथमिक बैंक के प्रधान कार्यालय को प्रेषित करेंगे । ऋण स्वीकृत होने पर बैंक द्वारा स्वीकृति पत्र जारी किया जायेगा जिसमें ऋण स्वीकृति की समस्त शर्तो का उल्लेख होगा । स्वीकृति पत्र में ऋण राशि, किश्तों के वितरण की प्रक्रिया, ब्याज दर, ऋण चुकाने की अवधि, अवधिपार राशि पर दण्डनीय ब्याज की दर, दुरुपयोग होने पर एकमुश्त वसूली की शर्त, बीमा की अनिवार्यता आदि का उल्लेख आवश्यक रुप से किया जावेगा तथा इसकी प्रार्थियों से लिखित में सहमति प्राप्त की जावेगी।

पत्रावली में आक्षेप पाये जाने पर प्रार्थियों को प्राथमिक बैंक द्वारा पत्र द्वारा अवगत कराया जावेगा ।

 

11-प्रशासनिक शुल्क

योजनान्तर्गत स्वीकृत ऋण राशि पर 0-25 प्रतिशत की दर से प्रशासनिक शुल्क देय होगा ।

 

 

12- हिस्सा राशि

स्वीकृत ऋण राशि पर प्राथमिक बैंक द्वारा निम्न प्रकार हिस्सा राशि प्राप्त की जावेगी :-

 

ऋण राशि ऋण राशि पर हिस्सा राशि
रुपये 2-00 लाख तक 5 प्रतिशत
रुपये 2-00 लाख से अधिक पर 3 प्रतिशत

 

13-ब्याज दर

बैंक द्वारा समय≤ पर परिवर्तित ब्याज दर लागू होगी । अवधिपार राशि पर 3 प्रतिशत की दर से दण्डनीय ब्याज देय होगा ।

 

14-ऋण राशि का निर्गमन

विभिन्न व्ययों के लिये स्वीकृत ऋण राशि निम्न प्रकार जारी की जायेगी:-

(क) वाहन एवं एसेसरीज क्रय हेतु: ऋणी के अधिकार पत्र के आधार पर अधिकृत वाहन विक्रेता को रेखांकित चैक/ड्राफ्‌ट द्वारा।

(ख) बीमा राशि सीधे बीमा कम्पनी को अधिकार पत्र के आधार पर रेखांकित चैक/ड्राफ्‌ट द्वारा। ऋण राशि जारी करते समय हर स्तर पर उद्यमी के अंशदान का विनियोग एवं ऋण राशि का उपयोग सुनिश्चित किया जावें । अनुपयोग/दुरुपयोग पाये जाने पर बैंक को अधिकार होगा कि वितरित ऋण राशि की एकमुश्त वसूली की कार्यवाही की जावें ।

 

15- आवश्यक अभिलेख

निर्धारित ऋण प्रार्थना पत्र के साथ मुख्यत: निम्न अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे :-

1- प्रत्याभूति स्वरुप प्रस्तुत भूमि/भवन आदि के मूल पत्रादि ।

2- कृषि भूमि के केस में अन्तिम जमाबन्दी, खसरा गिरदावरी एवं आवश्यकतानुसार नामान्तरकरण की प्रति । पटवारी द्वारा प्रमाणित भूमि का नक्शा ।

3- रहन हेतु प्रस्तावित भूमि के मूल्यांकन के सम्बन्ध में उस क्षेत्र की समान किस्त की भूमि की बिक्री के गत तीन वर्षो के ऑकडे जो क्षेत्र के सब-रजिस्ट्रार से प्राप्त किये जावें ।

4- प्रस्तावित वाहन एवं एसेसरीज के सम्बन्ध में अधिकृत डीलर/ विक्रेता के कोटेशन ।

5- ड्राईविंग लाइसेन्स की सत्यापित प्रति ।

6- आयकर विभाग के गत 2 वर्षो के कर निर्धारण पत्र एवं / अथवा नियोक्ता से मूल वेतन प्रमाण पत्र(समस्त कटौतियों के विवरण सहित)

7- निवास के संबंध में प्रमाण पत्र (जैसे मतदाता पहचान पत्र/पैन नम्बर ।

8- अकृषि उद्येश्यों हेतु प्रार्थियों एवं जमानतदारों से पूर्व निर्धारित प्रपत्रों में शपथ पत्र प्राप्त किये जाये।

9- अकृषि उद्देश्यों हेतु पूर्व निर्धारित समस्त अन्य पत्रादि/ अभिलेख

10- ऋण की किश्तो के एडवान्स रेखाकिंत चैक ।

11- वेतनभोगी व्यक्तियों के केस में उनके नियोक्ता से ऋण एवं ब्याज अवधिपार रहने की दशा में उनके वेतन से ऋण एवं ब्याज की मासिक किश्त काटकर बैंक को प्रतिमाह भिजवाने का अधिकार पत्र।

12- केवल वेतन के आधार पर प्रस्तावित आवेदन के केस में नियोक्ता द्वारा ऋण प्रार्थना पत्र प्राथमिक बैंक को अग्रेषित करने पर ही विचार किया जायेगा।

 

16- पर्यवेक्षण एवं मोनेटरिंग

1- प्राथमिक बैंक के अधिकारी ऋण वितरण के पश्चात्‌ वाहन का छ: माह में कम से कम एक बार निरीक्षण आवश्यक रुप से करें तथा सुनिश्चित करें कि वितरित ऋण का सदुपयोग किया गया है ।

2- राज्य सरकार, प्राथमिक बैंक, राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक, नाबार्ड के प्रतिनिधि ण से प्राप्त वाहन का समय समय पर निरीक्षण कर सकेंगे।

3- प्राथमिक बैंक शीर्ष बैंक द्वारा इस योजनान्तर्गत जारी लक्ष्यों के अनुरूप ऋण वितरण करेंगे।  

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