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सूचना

प्राथमिक भूमि विकास बैंकों द्वारा वर्तमान में किसानों एवं लघु उद्यमियों को 12.50 प्रतिशत वार्षिक ब्‍याज दर पर दीर्घकालीन ऋण उपलब्‍ध करवाये जा रहे हैं।

 
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राज्य के भूमि विकास बैंकों द्वारा नाबार्ड की ट्रैक्टर एवं कृषि मशीनरी ऋण नीति के अनुसार अब तक लाभार्थियों के पक्ष में स्वीकृत ट्रैक्टर एवं कृषि मशीनरी ऋण उनकी सहमति के आधार पर बैंक द्वारा सीधे ही ट्रैक्टर एवं कृषि मशीनरी उपलब्ध करवाने वाली फर्म/विक्रेता को भुगतान कर दिया जाता था। क्षेत्रीय परिस्थितियों के अनुसार यह अनुभव किया गया कि नकद राशि से ट्रैक्टर क्रय करने वाले लाभार्थियों को विक्रेताओं द्वारा ट्रैक्टर के अधिकतम बिक्री मूल्यों पर बैंक ऋण से ट्रैक्टर क्रय करने वाले लाभार्थियों की अपेक्षा अधिक नकद छूट दी जाती है। बैंक ऋण से ट्रैक्टर क्रय करने वाले लाभार्थियों को आर्थिक हानि न हो तथा वे अपने मनपसन्द मेक/मॉडल के ट्रैक्टर क्रय कर सके इसके लिए प्रस्तावित नकद क्रय योजना नाबार्ड द्वारा स्वीकृत कर दी गई है। ट्रैक्टर उद्देश्य हेतु नकद क्रय योजना का क्रियान्वयन एवं संचालन निम्न प्रक्रियानुसार किया जायेगा--

 

 

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view more ऋण प्रार्थना पत   view more मार्जिन मनी/ डाउन पेमेन्ट   view more ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेषन
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1- ट्रैक्टर नगद

-भुगतान ऋण योजना अप्रेल 2008 से समस्त भूमि विकास बैंकों में लागू होगी।

 

2- पात्रता

ट्रेक्टर ऋण के लिये कृषक के पास कम से कम 6 एकड़ बारहमासी सिंचित भूमि अथवा समकक्ष मूल्य की बारानी कृषि योग्य भूमि होनी चाहिये।

 

3- ऋण प्रार्थना पत्र

(अ) ऋण प्रार्थना पत्र के साथ कृषक/कृषकों को केन्द्रीय सहकारी बैंक मे खोले गये बचत खाते की पास बुक के पहले पृष्ठ की फोटो प्रति संलग्न की जावेगी एवं ऋण प्रार्थना पत्र पर बचत खाता संख्या अंकित की जायेगी। यदि प्रार्थी का बचत खाता खुला हुआ नहीं है तो उसे केन्द्रीय सहकारी बैंक में बचत खाता खोलकर बचत खाता संख्या एवं पास बुक की फोटो स्टेट प्रति उपलब्ध करानी होगी। संयुक्त ऋण के मामले में खाता सभी ऋणियों के नाम से संयुक्त खाता खुलवाना होगा।

(ब) ऋण प्रार्थना पत्र में प्रार्थी द्वारा प्रस्तावित उद्देश्य - ट्रैक्टर मॉडल का नाम, अश्वशक्ति एवं प्रस्तावित ऋण राशि का उल्लेख किया जायेगा। लाभार्थी को विक्रेता का नाम अंकित करने की आवश्यकता नहीं है। इसी प्रकार लाभार्थी को ऋण प्रार्थना पत्र के साथ किसी प्रकार का कोटेशन भी प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है। ।

(स) प्रार्थी द्वारा वांछित ऋण राशि का उल्लेख सम्बन्धित कॉलम में किया जायेगा।

(द) ऋण प्रार्थना पत्र में प्रार्थी के टेलीफोन/मोबाईल नम्बर भी अंकित किये जावें।

 

4- ऋण क्षमता का ऑकलन

ऋण स्वीकृति से पूर्व कृषक की ऋण क्षमता का ऑकलन निम्नानुसार किया जायेगा:-

ऋण क्षमता के आकलन मे क़षक के भूमि के गत तीन वर्षो के भूमि विक्रय के औसत आकंडो के मूल्य ( सब रजिस्‍टार/ तहसीलदार द्वारा उपलब्‍ध ) मे टैक्‍टर का मूल्‍य जोडते हुये कुल राशि का 60 प्रतिशत अधिकतम  ऋण  क्षमता मानी जावेगी।  

5- ऋण चुकौती क्षमता

कृषक की ऋण चुकौती क्षमता का निर्धारण वर्तमान फसलोत्पादन से प्राप्त बढ़ी हुई आय एवं कस्टम हायरिंग से प्राप्त आय के आधार पर ही किया जायेगा। यहॉ यह स्पष्ट किया जाता है कि फसलोत्पादन के आधार पर विकास कार्य से पूर्व एवं विकास कार्य के पश्चात्‌ आय की गणना करने के लिए जिले के उप निदेशक, कृषि कार्यालय से गत तीन वर्षो के प्रचलित जिन्सों के उत्पादन लागत के ऑकड़े एवं कृषि उपज मण्डी कार्यालयों से प्रचलित जिन्सों के गत तीन वर्षो के विक्रय ऑकड़े प्राप्त कर इनके औसत के आधार पर गणना की जानी चाहियेा

प्रत्येक कृषक को वास्तविक लाभ तब ही दिया जा सकता है जबकि प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत कृषि भूमि में हो रहे वास्तविक उत्पादन का आधार लेकर गणनाये की जायेगी। गणना निम्न प्रकार की जायेगी :- ऋण चुकौती क्षमता त्र विकास कार्य के पश्चात्‌ आय - विकास कार्य से पूर्व आय त्र बढ़ी हुई आय . कस्टम हायरिंग।

 

6- कस्टम हायरिंग

ट्रैक्टर ऋण स्वीकृति से पूर्व प्रार्थी की ऋण चुकौती क्षमता ऑकलन हेतु क्षेत्र विशेष में सम्भावित वास्तविक कस्टम हायरिंग से प्राप्त आय अधिकतम रुपये 69,000/- तक ऑकी जावेगी।

 

7- ट्रैक्टर की कीमत का ऑकलन

विभिन्न कम्पनियों के विभिन्न मेक/ मॉडल के बाजार मूल्य का ऑकलन प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक अपने स्तर से विभिन्न कम्पनियों द्वारा निर्धारित अधिकतम बिक्री मूल्य, डीलर्स द्वारा जारी इनवाईस/ वाउचर, बिल समय≤ पर होने वाली विशेष छूट आदि की जानकारी तथा बैंक अपने स्तर से किये गये प्रयासों से अधिकतम बिक्री मूल्य में जो कमी करवाई है उसको ध्यान में रखते हुए बाजार मूल्य का ऑकलन किया जायेगा। ऋण लेने वाले कृषक द्वारा भी अपने स्तर से उसकी पसन्द के ट्रैक्टर के बाजार मूल्य की जानकारी प्राप्त की जावेगी तथा कृषक द्वारा अपनी जानकारी के आधार पर अपने ऋण आवेदन पत्र में बाजार मूल्य का अंकन किया जावेगा। प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक तथा ऋण लेने वाले कृषक द्वारा ट्रैक्टर के ऑकलित बाजार मूल्य में जो भी राशि कम होगी उसी के आधार पर ऋण स्वीकृत किया जावें। ऑकलित बाजार मूल्य किसी भी स्थिति में कम्पनी द्वारा निर्धारित अधिकतम बिक्री मूल्य तथा राज्य भूमि विकास बैंक/ प्राथमिक भूमि विकास बैंक स्तर पर दी गई छूट के बाद कम किये गये बिक्री मूल्य से अधिक नहीं होगा।

 

8- ऋण स्वीकृति

ऋण प्रार्थना पत्र में उल्लेखित विवरण के आधार पर एवं प्रार्थी की ऋण क्षमता व ऋण चुकौती क्षमता पर्याप्त बनने पर प्राथमिक बैंक द्वारा निम्नानुसार ऋण स्वीकृत किया जावेगा

(अ) प्राथमिक बैंक, राज्य भूमि विकास बैंक द्वारा अनुमोदित ट्रैक्टर मॉडलों हेतु उपरोक्तानुसार ऑकलित ट्रैक्टर की कीमत तथा निर्धारित डाउन पेमेन्ट को ध्यान में रखते हुये प्रस्तावित ट्रैक्टर हेतु ऋण स्वीकृत करेगी।

(ब) उपरोक्तानुसार निर्धारित मूल्य के 90 प्रतिषत तक ऋण स्वीकृत किया जा सकता है बषर्ते कि ऋण क्षमता एवं ऋण चुकौती पर्याप्त बनती हो।

(स) ऋण स्वीकृत हो जाने पर प्राथमिक बैंक प्रार्थी को ऋण स्वीकृति की सूचना यथा स्वीकृत ऋण राशि, ट्रेक्टर एवं कृषि यन्त्र क्रय करने की अवधि, देय ब्याज, किश्तों के भुगतान, ऋण की अवधि, बीमा करवाये जाने एवं अन्य आवश्यक निर्देशों सहित यथाषीघ्र ऋण स्वीकृत दिनांक के सात दिवस के अन्दर-अन्दर सूचित करेगी।

(द) प्राथमिक बैंक द्वारा आवेदन पत्र अस्वीकृत करने की दषा में अस्वीकृति की सूचना कारणों सहित प्रार्थी को सात दिवस के अन्दर साधारण डाक द्वारा दी जावेगी। इसके अतिरिक्त अस्वीकृति की सूचना बैंक के कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर भी दर्शायी जायेगी।

 

9- ऋण वितरण

ऋण स्वीकृति के पश्चात्‌, रहन पत्र का निष्पादन करवाया जावें एवं रहन पत्र की प्रति सब-रजिस्ट्रार को भेज कर बैंक के पक्ष में भार दर्ज होने व नामान्तरकरण खुल जाने के पश्चात्‌ ही ऋण वितरण किया जावें। ट्रेक्टर एवं कृषि यंत्रों हेतु स्वीकृत ऋण राशि का भुगतान रेखांकित चैक द्वारा सीधा ऋणी को किया जायेगा। ऋणी उस चैक को उसी बचत खाते में जमा करायेगा जिसकी संख्या ऋण प्रार्थना पत्र में अंकित है। बैंक ऋण वितरण करते समय चैक पर लाभार्थी के नाम के साथ साथ बचत खाता संख्या एवं सम्बन्धित बैंक का नाम भी अंकित करेगा। संयुक्त ऋणों के मामलों में अन्य ऋणियों द्वारा दिये गये अधिकार पत्र के आधार पर संबंधित ऋणी के नाम (खाता संख्या एवं बैक नाम सहित) रेखांकित चैक बनाया जावेगा।

10- मार्जिन मनी/ डाउन पेमेन्ट

ट्रैक्टर एवं कृषि यन्त्रों हेतु बैंक द्वारा आंकलित मूल्य का 10 प्रतिषत ऋणी द्वारा स्वयं के वित्तीय साधनों से वहन किया जावेगा। शेष 90 प्रतिषत राषि ऋण के रूप में बैंक द्वारा उपलब्ध करायी जावेगी बषर्ते कि ऋण क्षमता पर्याप्त बनती हो।

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11- हिस्सा राशि

रुपये 2-00 लाख तक के ऋण पर 5 प्रतिशत की दर से व 2-00 लाख रुपये से अधिक पर 3 प्रतिशत की दर से, ऋणी कृषक द्वारा हिस्सा राशि बैंक में जमा कराई जावेगी।

 

12- ऋण की अवधि

ऋण अदायगी की अधिकतम अवधि 9 वर्ष है, ऋणी द्वारा ब्याज सहित ऋण राशि का भुगतान 18 अर्द्ववार्षिक किश्तों में किया जावेगा।

 

13- कृषि यंत्र

ऋणी को ट्रैक्टर के साथ न्यूनतम 2 कृषि यंत्र ट्रॉली सहित अच्छी गुणवत्ता के बी-आई-एस- मानक के क्रय किया जाना आवश्यक है। यदि ऋणी के पास स्वयं के अच्छी गुणवत्ता के कृषि यंत्र पूर्व से ही उपलब्ध है तो कृषि यंत्र खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी। इस आशय का शपथ पत्र ऋणी से प्राप्त किया जावें।

 

14- प्रशासनिक शुल्क

ऋण राशि का 0-25 प्रतिशत प्रशासनिक शुल्क के रुप में प्रार्थी से लिया जावेगा।

 

15- ब्याज दर

ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्रों के ऋण पर ब्याज समय समय पर बैंक द्वारा निर्धारित दर से लिया जायेगा। ऋण किश्त का समय पर चुकारा नहीं करने पर अवधिपार मूल किश्त पर 3 प्रतिशत की दर से दण्डनीय ब्याज लिया जावेगा।

 

16- ऋण का उपयोग

अपनी पसन्द का ट्रेक्टर एवं कृषि यंत्र क्रय करने के लिये ऋणी को 15 दिवस दिये जायेंगे। ऋणी के बैंक खाते में ऋण राशि जमा होने की तिथि से 15 दिवस के अन्दर ऋणी द्वारा अधिकृत विक्रेता से ट्रैक्टर क्रय कर सम्बन्धित फर्म/कम्पनी का बिल प्राथमिक बैंक में प्रस्तुत करना होगा। यदि अन-उपलब्धता के कारण ऋणी प्रस्तावित ट्रेक्टर एवं कृषि यंत्र क्रय नहीं कर पाता है तो उसे सम्बन्धित फर्म/कम्पनी से यह लिखवाकर प्राथमिक बैंक को सूचित करना होगा कि प्रस्तावित ट्रैक्टर कब तक उपलब्ध हो जायेगा। सचिव प्राथमिक बैंक फर्म/कम्पनी द्वारा प्रस्तावित ट्रेक्टर एवं कृषि यंत्रों की उपलब्धता में दिये गये लिखित पत्र के आधार पर बिल प्रस्तुत करने की अवधि 15 दिन और बढ़ा सकते है।

 

17- ऋण उपयोगिता की जॉच

ऋणी से प्रस्तावित टेक्टर एवं कृषि यंत्र क्रय किये जाने सम्बन्धित बिल बैंक में प्राप्त हो जाने पर सम्बन्धित सुपरवाईजर दो दिवस में मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन करेगा। सुपरवाईजर बिल में अंकित टैक्टर के मेक, मॉडल, इंजन व चैसिस नम्बर आदि का मिलान कर सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। भौतिक सत्यापन रिपोर्ट में सुपरवाईजर द्वारा, टेक्टर के रजिस्टोन, बीमा एवं हाईपोथीकोन के बारे में भी सूचना अंकित की जावेगी।

 

 

18- ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेषन

ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रुप से ऋणी द्वारा करवाया जायेगा जिसमें बैंक के पक्ष में हाईपोथिकेशन दर्ज कराना आवश्यक होगा। ट्रेक्टर के रजिस्ट्रेषन प्रमाण पत्र की फोटोस्टेट प्रति प्राप्त की जाकर संबंधित पत्रावली में लगायी जावे।

 

19- हाइपोथीकेषन डीड

ऋण से क्रय किये गये ट्रैक्टर को बैंक के पक्ष में बन्धक (भ्लचवजीमबंजपवद) करवाया जाना आवश्यक होगा। ट्रैक्टर व कृषि यंत्रो पर बैंक का नाम लिखना आवश्यक होगा। निर्धारित प्रपत्र में ऋणी द्वारा निष्पादित हाइपोथीकेषन डीड की मूल प्रति प्राप्त की जाकर प्रति संबंधित पत्रावली में लगायी जावे।

 

20- ट्रैक्टर का बीमा

ऋण की वसूली 9 वर्षो में बिना अनुग्रह अवधि के अर्द्धवार्षिक 18 किश्तो में निम्नानुसार की जायेगी--

अ- केन्द्रीय मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधान के अनुसार प्रत्येक ऋणी को ट्रैक्टर का थर्ड पार्टी एवं थेफ्‌ट बीमा आवश्यक रुप से कराना होगा यदि ऋणी चाहे तो काम्प्रीहेन्सिव बीमा भी करा सकता है।

ब- ट्रेक्टर का बीमा (कॉम्प्रीहेन्सिव या थर्ड पार्टी एवं थेफ्‌ट) ऋणी द्वारा ही कराया जावेगा तथा ऋण चुकारे तक प्रतिवर्ष ऋणी द्वारा ही स्वयं ट्रेक्टर बीमा का नवीनीकरण करवाया जाकर बीमा पॉलिसी की एक प्रति आवष्यक रूप से बैंक को उपलब्ध करायी जावेगी।

स- यदि ऋणी द्वारा किसी कारणवष बीमा नहीं कराया जाता है तो इस कारण हुये नुकसान का दायित्व ऋणी का स्वयं का होगा। इस संबंध में भूमि विकास बैंक का कोई दायित्व नहीं होगा।

21- ऋण वसूली

(अ) नकद भुगतान प्रक्रिया के अन्तर्गत ऋणियो से ऋण किश्तो के पेटे प्राथमिक बैंक के पक्ष में एकाउन्ट पेयी चैक लिये जायेंगे एवं ऋण स्वीकृति आदेश में यह उल्लेख किया जायेगा कि ऋणी को अपने खाते में चैक की राशि के बराबर राशि रखनी आवश्यक है।

(ब) यदि निर्धारित अवधि में ऋण का उपयोग नहीं किया जाता है तो ऐसे मामलों में खाता बन्द कर बैंक द्वारा एकमुश्त वसूली की कार्यवाही की जायेगी। एक माह के भीतर ऋण राषि का उपयोग नहीं करने पर ऋणी को 3-00 प्रतिषत की दर से अधिक ब्याज देना पडेगा।

 

22- ऋणों का पुर्नभरण

नकद ऋण वितरण योजना के अन्तर्गत ऋणी कृषक द्वारा टेक्टर कर लिये जाने तथा बीमा, बन्धक-कल्प, रजिस्टोन संबंधित शर्त पूरी हो जाने पर ही राज्य भूमि विकास बैंक द्वारा भूमि विकास बैंकों को पुनर्भरण दिया जावेगा। अत: प्राथमिक बैेंक द्वारा, टेक्टर मामलों के क्लेम के साथ आवयक सूचनाऐ भी उपलब्ध करायी जावे।

 

23- ऋण पर्यवेक्षण

1- नकद ऋण वितरण प्रक्रिया अन्तर्गत वितरित ऋणों का प्राथमिक बैंक द्वारा भौतिक सत्यापन किया जाकर प्रत्येक माह की 7 तारीख तक प्रगति रिपोर्ट राज्य भूमि विकास बैंक के सम्बन्धित क्षेत्रीय कार्यालय को भिजवानी होगी।

2- सचिव प्राथमिक बैंक द्वारा मासिक आधार पर नकद ऋण भुगतान योजना के अन्तर्गत टेक्टर एवं कृषि यन्त्रों हेतु वितरित ऋणों की मॉनिटरिंग निम्नलिखित बिन्दुओं को शामिल करते हुये की जावेगी :-

1) माह में ऋण वितरण एवं माह तक कुल ऋण वितरण
2) 15 दिवस में ऋण वितरण के उपयोग के मामलों की संख्या एवं राशि
3) 15 दिवस से 30 दिवस के अन्दर ऋण वितरण के उपयोग के मामलों की संख्या एवं राशि
4) निर्धारित अवधि में ऋण का उपयोग नहीं करने वाले ऋणियों की संख्या एवं राशि
5) ऋण दुरूपयोग के मामलों में बन्द किये गये खातों की संख्या राशि एवं प्राप्त वसूली की राशि
6) ऋण उपयोग करने वाले ऋणी कृषको को योजना से हुए लाभ की समीक्षा। लाभ का आंकलन टेक्टर के अधिकतम मूल्य तथा ऋणी द्वारा प्रस्तुत बिल में र्दाायी राशि के अन्तर के आधार पर किया जा सकता है इसके अतिरिक्त ऋणी कृषक से भी फीड बैक लिया जा सकता है।
सचिव प्राथमिक बैंक उपरोक्त बिन्दुओं के आधार पर मासिक समीक्षा रिपोर्ट निम्नलिखित प्रारूप में तैयार कर क्षेत्रीय कार्यालय के माध्यम से राज्य भूमि विकास बैंक को आगामी माह की 7 तारीख तक भिजवायें :-

 

नाम प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक-------------------------------------;

 

क्र-सं- विवरण संख्या राशि
1. माह में ऋण वितरण
2. 01-04-2008 से माह की समाप्ति तक ऋण वितरण
3. 15 दिवस में ऋण का उपयोग करने वाले ऋणी
4. 15 दिवस से एक माह में ऋण का उपयोग करने वाले ऋणी
5. ऋण का उपयोग नहीं करने वाले ऋणी
6. बन्द किये गये खातों का विवरण

7. दुरूपयोग के मामलों में प्राप्त वसूली;    
8. प्रमाण पत्र प्राप्त मामलें    
9. बन्धक-कल्प प्राप्त मामले (Hypothecation)    
10. रजिस्टेशन बीमा कराया गया    
11. थर्ड पार्टी एवं थेफ्‌ट बीमा करवाया गया    
12. किसानों को हुये लाभ का आंकलन    
       

 

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