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सूचना

एकमुश्‍त समझौता योजना 2017-18 के तहत अवधिपार ऋणियों को ब्‍याज में 50 प्रतिशत छूट की घोषणा
प्राथमिक भूमि विकास बैंकों द्वारा वर्तमान में किसानों एवं लघु उद्यमियों को 12.85 प्रतिशत वार्षिक ब्‍याज दर पर दीर्घकालीन ऋण उपलब्‍ध करवाये जा रहे हैं।

 
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स्वरोजगार क्रेडिट कार्ड योजना- संशोधित

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view more साख सीमा का प्रकार   view more ऋण का चुकारा   view more प्रशासनिक शुल्क
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1- उद्देश्य

-योजनान्तर्गत छोटे कारीगर, हथकर्घा बुनकरों, सेवा क्षेत्र/स्वरोजगार में लगे व्यक्तियों, रिक्शाधारकों, अन्य लघु उद्यमकर्ताओं आदि को कार्यशील पूंजी अथवा ब्लॉक पूंजी दोनों के लिये सुगमता से कम लागत पर शीघ्र ऋण सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। इससे अति सूक्ष्म उद्यमियों, ग्रामीण दस्तकारों, पारम्परिक व्यवसायियों एवं सेवा गतिविधियों में लगे हुये व्यक्तियों को अपने व्यवसाय में वृद्धि करके आजीविका के साधन उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

 

2- बैंकों की पात्रता --

प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक, राजस्थान राज्य प्राथमिक सहकारी भूमि विकास द्वारा उक्त योजनान्तर्गत आवंटित लक्ष्यों के अनुरूप साख सीमा स्वीकृत कर ऋण वितरण करेगें

 

3- साख सीमा का प्रकार -

-योजना के तहत ऋण सुविधा, मियादी ऋण , स्वंदद्धए चक्रीय ऋण/नकद ऋण को शामिल करते हुये सम्मिश्र ऋण ;ब्वउचवेपज स्वंदद्ध के रूप में होगी। मियादी ऋण निवेश की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये प्रदान किया जायेगा तथा चक्रीय/नकद ऋण का निर्धारण परिचालन चक्र/निवेश के प्रकार को ध्यान में रखते हुये किया जायेगा। उधारकर्ता अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप मियादी ऋण अथवा कार्यशील पूंजी ऋण अथवा दोनों घटकों को शामिल कर ऋण सुविधा का लाभ उठा सकता है।

 

4 ऋण पात्रता -

- प्रार्थी बैंक के कार्यक्षेत्र का निवासी होना चाहिये । जिस व्यवसाय के लिये साख सीमा का उपयोग करना चाहते है उसका उन्हे पूर्व अनुभव हो।

 

5 साख सीमा -

- साख सीमा राशि के ऑंकलन प्रस्तावित व्यवसाय के आधार पर किया जाऐगा। एक व्यक्ति को अधिकतम 50000/रूपये तक का सम्मिश्र ऋण स्वीकृत किया जा सकता है। प्रस्तावित कार्य के 90 प्रतिशत तक की साख सीमा स्वीकृत की जा सकती है।

 मियादी ऋण निवेश की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये प्रदान किया जायेगा एवं चक्रीय ऋण का निर्धारण परिचालन चक्र निवेश के प्रकार को ध्यान में रखते हुये मियादी ऋण की मंजूरी के बाद 50000/- रूपये मे से बकाया उपलब्ध राशि के आधार पर किया जायेगा। चक्रीय/नकद ऋण का पुर्नभुगतान की गई सीमा तक नवीनीकृत किया जा सकता है और इसकी चुकौती आहरण की तारीख से 12 माह के भीतर की जानी आवश्यक है।

 कुल ऋण सीमा का निर्धारण उधारकर्ता की निवत आय ;छमज म्तंदपदहद्ध और पुर्नभुगतान क्षमता के आधार पर किया जायेगा। नकद ऋण खाते मे जमा राशि और मियादी ऋण खाते में पुर्नभुगतान की स्थिति को ध्यान में रखकर ऋण सीमा का नवीनीकरण वार्षिक आधार पर किया जावे।

 

6- साख सीमा स्वीकृति प्रक्रिया --

साख सीमा हेतु प्राथमिक बैंक की शाखा मे निर्धारित आवेदन पत्र में आवेदन किया जावेगा। प्रार्थना पत्र के साथ निम्न पत्रादि संलग्न किये जायेगे:-

1- प्रत्याभूति स्वरूप प्रस्तुत सम्पत्ति के मूल दस्तावेज

2- जमानतदारों के निर्धारित प्रपत्रों में शपथ पत्र

3- विकास कार्य की अनुमानित लागत एवं आय का ब्यौरा

4- क्षेत्र की सहकारी एवं वाणिज्यिक बैंकों से ना बकाया प्रमाण पत्र

5- प्रस्तावित कार्य के संबंध में अनुभव संंबंधी प्रमाण पत्र

6- ईकाई स्थल के स्वामित्व संबंधी पत्रादि अथवा वैद्य किरायानामा।

7- दो पासपोर्ट साईज के प्रमाणित फोटो

8- निवास संबंधित प्रमाण (टेलिफोन बिल/पेन नंबर/फोटो परिचय पत्र/राशन कार्ड आदि)

7- ब्याज दर -

- योजनान्तर्गत स्वीकृत की गई साख सीमा दर से ब्याज देय होगा । योजना में नाबार्ड के दिशानिर्देशों के अनुसार समय समय पर परिवर्तन किया जा सकता है। बैंक द्वारा समय≤ पर परिवर्तित ब्याज दर लागू होगी । अवधिपार राशि पर 3 प्रतिशत की दर से दण्डनीय ब्याज देय होगा ।

 

8- प्रत्याभूति -

-प्रार्थी द्वारा प्रत्याभूति स्वरूप निम्न में से एक या अधिक विकल्प चुने जा सकते है :-

1- प्रत्याभूति स्वरूप स्वयं के स्वामित्व की भूमि/भवन के आधार पर क्षेत्र में समान भूमि के गत तीन वर्षो की औसत विक्रय दर के आधार पर प्रत्याभूति स्वरूप प्रस्तुत भूमि/भवन के मूल्यांकन का 60 प्रतिशत तक साख सीमा का निर्धारण किया जा सकता है।

2- ऋणी को कार्यक्षेत्र के दो या अधिक प्रतिष्ठित एवं साख वाले व्यक्तियों की जमानत के आधार पर साख सीमा का निर्धारण किया जा सकता है । जमानतदारों से निर्धारित प्रपत्रों में शपथ पत्र प्राप्त किये जावे।

3- प्रार्थी के नाम जारी राष्ट्रीय बचत पत्र, किसान विकास पत्र एवं भूमि विकास बैंक में सावधि जमा राशि के खरीद मूल्य के 80 प्रतिशत तक साख सीमा स्वीकृत की जा सकती है। साख सीमा स्वीकृति भुगतान से पूर्व इनकों बैंक के पक्ष में नामांकित कराया जाना आवश्यक है।

 

9- ऋण का चुकारा -- स्वरोजगार क्रेडिट कार्ड की वैधता 5 वर्षो के लिये होगी बशर्ते खाते का संतोषजनक परिचालन किया जावे और इसको वार्षिक आधार पर नवीनीकृत किया जावेगा।

स्वीकृति साख सीमा तक के लिये व्यवसाय से जुडी समस्त सम्पत्ति को बैंक के पक्ष में दृष्टिबन्धक ;भ्लचजीवजपबंजमद्ध रखना होगा।

मियादी ऋण के पुर्नभुगताान की अधिकतम अवधि 5 वर्ष होगी। कार्यशील पूंजी ऋण की चुकौती आहरण की तारीख से 12 माह के भीतर की जानी चाहिये। यदि चक्रीय नकद ऋण 12 माह से अधिक अवधि के लिये बकाया रहता है तो पुन: आहरण करने की अनुमति नहीं दी जावेगी। मियादी ऋण के चुकारे की किश्ते ईकाई के उत्पाद को ध्यान मे रखते हुये मासिक/त्रैमासिक रूप से तय की जा सकती है।

प्रत्येक खाताधारक के ऋण खाते में मियादी ऋण और कार्यशील पूंजी घटक ऋण का रिकार्ड ऋण खाते में पृथक पृथक रखा जायेगा।

 

10- बीमा --

योजना के तहत उधारकर्ताओं को स्वत: दुर्घटना बीमा योजना के तहत शामिल किया जायेगा।

 

11- सदस्यता -

- मार्प्रार्थी को प्राथमिक बैंक का सदस्य बनना आवश्यक होगा।

 

 

12- साख सीमा का परिचालन --

(1) साख सीमा स्वीकृत करने के पश्चात बैंक द्वारा संलग्न प्रारूप में लेमिनेटेड क्रेडिट कार्ड और पास बुक जारी की जावेगी। इस हेतु कोई शुल्क नहीं लिया जायेगा।

(2) पास बुक मे लेन देन के समय समस्त व्यवहारों की प्रविष्टियां की जावेगी।

(3) स्वीकृत साख सीमा के वर्ष में संतोषप्रद परिचालन के आधार पर साख सीमा का नवीनीकरण किया जावेगा।

(4) साख सीमा धारकों को समस्त भुगताना रेखांकित चैक द्वारा ही किये जायेगें।

 

13- हिस्सा राशि -

- योजनान्तर्गत स्वीकृत साख सीमा पर ऋण के अनुपात में 3 प्रतिशत की दर से हिस्सा राशि में विनियोग करना होगा।

 

14- प्रशासनिक शुल्क -

-ऋण राशि के 0-25 प्रतिशत की दर से प्रशासनिक शुल्क देय होगा।

 

15- नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण -

- प्राथमिक भूमि विकास बैंक के अधिकारी साख सीमा से सृजित ईकाई स्थल का प्रत्येक त्रैमास में कम से कम एक बार विजिट कर सीमाधारक द्वारा सीमान्तर्गत लेन देन की विवेचना करेंगे, ईकाई का अवलोकन कर सुनिश्चित करेंगे कि ऋण का समुचित उपयोग हो रहा है तथा ऋणी द्वारा ऋण की किश्तें बैंक में समय पर जमा करायी जा रही है।

 

16- योजना के दिशा निर्देशों में संशोधन -

- योजना में नाबार्ड के दिशानिर्देशों के अनुसार समय समय पर परिवर्तन किया जा सकता है।

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