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सूचना

प्राथमिक भूमि विकास बैंकों द्वारा वर्तमान में किसानों एवं लघु उद्यमियों को 12.50 प्रतिशत वार्षिक ब्‍याज दर पर दीर्घकालीन ऋण उपलब्‍ध करवाये जा रहे हैं।

               
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कृषि विपणन आधारभूत संरचना योजना

इस योजना का मुख्य उद्येश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक तरीके से भण्डारण क्षमता का सृजन कर कृषिगत उत्पादों, प्रसंस्कृत उत्पादों, उपभोक्ता वस्तुओं तथा खाद-बीज आदि का संग्रहण करने और ग्रेडिंग के साथ-साथ मानकीकरण और गुणवत्ता नियंत्रण को बढ़ावा देकर किसानों की विपणन क्षमता में वृद्धि करना है। इससे किसान विवश होकर बिक्री को नहीं अपनायें, गिरवी ऋण को बढ़ावा मिले तथा देश में कृषि विपणन की आधारभूत सुविधाओं में वृद्धि होगी।

 

 

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1- पात्रता--

कृषक, कृषक समूह एवं व्यक्ति।

 

2- लोकेशन, आकार और क्षमता :

1- गोदाम म्युनिसिपल क्षेत्र की सीमा के बाहर होना चाहिए।

2- न्यूनतम क्षमता :   50 मैट्रिक टन

3- अधिकतम क्षमता : 10,000 मैट्रिक टन

4- गोदाम की ऊचाई :  4-5 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए

5- गोदाम की क्षमता :  1 क्सूबिक मीटर क्षेत्र त्र 0-4 मैट्रिक टन की गणना का पैमाना

 

3- वैज्ञानिक भण्डारण हेतु पूवशर्ते :

1)सी-पी-डब्ल्यू-डी-/एस-पी-डब्ल्यू-डी- के विनिदेशानुसार निर्माण
2)कीटाणुओं से सुरक्षा (अस्थाई सीड़ियों के साथ ऊचा पक्का क्लेटफार्म चूहारोधक व्यवस्था सहित)
3)पक्षियों से सुरक्षा जाली वाली खिड़कियॉ/रोशनदान
4)प्रभावी धूम्रीकरण फयूमीगेशन के लिए दरवाजों, खिड़कियों की वायुअवरोधकता
5)गोदाम कॉम्पलेक्स में निम्न सुविधाऐं होनी चाहिए
6)सुगम पक्की सड़क
7)पक्की आंतरिक सड़के
8)जल निकासी की समुचित व्यवस्था
9)अग्नि शमन/ सुरक्षा व्यवस्था
10)सामान लादने/ उतारने की उचित व्यवस्था

 

4- अनुदान : --

योजनान्तर्गत निम्नानुसार अनुदान दिये जाने का प्रावधान है :-

विवरण सामान्य श्रेणी के लिए महिला कृषक/अनुसूचित जाति / जनजाति के लिए
लाभार्थी का योगदान 25 प्रतिशत 20 प्रतिशत
सरकार द्वारा देय अनुदान 25 प्रतिशत 33-33 प्रतिशत
बैंक ऋण
50 प्रतिशत 46-67 प्रतिशत

 

1)गैर कृषक व्यक्ति योजना के मामलें में 15 प्रतिशत
2)अनुदान केवल गोदाम के निर्माण की पूंजीगत लागत पर ही दी जायेगी-
3)अनुदान 10,000 मैट्रिक टन क्षमता तक के गोदामों हेतु देय-
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5- बीमा :

गोदाम के बीमें की जिम्मेवारी गोदाम के मालिक की होगी।

 

6- चुकौती अवधि :

• अधिकतम चुकौती अवधि 11 वर्ष तक होगी, जिसमें छूट की अवधि का एक वर्ष भी शामिल है-

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7- कार्यान्वयन अवधि :--

• यह योजना ग्रामीण गोदामों के निर्माण/सुसज्जा/विस्तार की परियोजनाओं के लिए लागू है। योजना दिनांक 31-3-2012 तक लागू है।

 

8- पुंजिगत लागत : ---

योजना के तहत अनुदान जारी करने के प्रयोजन से परियोजना की पुंजिगत लागत की गणना निम्नानुसार की जायेगी :

• 1000 टन की क्षमता वाले गोदामों के लिए वास्तविक लागत अथवा प्रति टन भण्डारण क्षमता के लिए रुपये 2500/-, जो भी कम हो-

• 1000 टन से अधिक क्षमता वाले गोदाम के लिए वास्तविक लागत अथवा प्रति टन भण्डारण क्षमता के लिए रुपये 1875/-, जो भी कम हो-

 

9- परियोजना पूर्ण करने की समय-सीमा :

• परियोजना को बैंक से मंजूरी की तिथि से 15 माह की समय-सीमा में पूर्ण करना होगा-

• यदि विलम्ब के कारण तथा तत्सम्बन्धी स्पष्टीकरण तर्कसंगत है तो प्रतिभागी बैंक 3 माह की अनुग्रह अवधि प्रदान कर सकता है-

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अन्य शर्ते :

(अ)  प्रशासनिक शुल्क     0-25 प्रतिशत(अधिकतम रु- 5000/-)

(ब)  हिस्सा राशि    रु- 2-00 लाख के ऋण पर 5 प्रतिशत रु- 2-0 लाख से अधिक पर 3 प्रतिशत

(स)  प्रतिभूति     कृषक, कृषको, व्यक्ति स्वयं के स्वामित्व की कृषि भूमि। ऋण के सहयोग से निर्मित गोदाम बैंक के पक्ष में रहन रहेगा।

(द)  ऋण क्षमता ऑकलन     : लाभार्थी द्वारा रहन हेतु प्रस्तुत कृषि भूमि के समान कृषि भूमि के गत तीन वर्ष के विक्रय ऑकडों के औसत के आधार पर संगणित भूमि के मूल्य में प्रस्तावित गोदाम की निर्माण लागत को जोड़ने सेप्राप्त राशि की 60: लाभार्थी की अधिकतम ऋण सीमा होगी।

(य)  बोर्ड :     गोदाम पर ’कृषि मंत्रालय भारत सरकार से सहायतार्थ ग्रामीण भण्डारण योजनान्तर्गत निर्मित’- सौजन्य से :

प्रा-स-भू-वि-बैंक लि- ----------- शाखा ------- लिखवाना अनिवार्य होगा।

(र)  आवश्यक पत्रादि :    बैंक के ऋण आवेदन पत्र के साथ योजना अन्तर्गत निम्न पत्रादि सलंग्न किया जाना अनिवार्य होगा :-

 

1-  गोदाम निर्माण हेतु किसी अभियन्ता द्वारा तैयार किया गया तकमीना व नक्शा। तकमीने व नक्शे पर अभियन्ता के हस्ताक्षर मय सील होने चाहिये। नक्शें में (प) गोदाम का ’फ्रंट व्यू;(बाहर दृष्य) (पप) आंतरिक दृष्य (जिसमें समस्त चैम्बरों व छत की नाप स्पष्ट रुप से अंकित की गई हों।

2-  गोदाम निर्माण की योजना जिसमें लाभार्थी की स्थिति, गोदाम संचालन का उनका अनुभव, लाभार्थी की कृषि भूमि, भण्डारित किये जाने वाले सम्भावित अनाजों का विवरण, स्वयं के अतिरिक्त यदि भण्डारण सुविधा दी जायेगी तो सम्भावित खाद्यान्न प्राप्त होने वाले ग्रामों के नाम, नजदीकी मण्डी सड़कों की व्यवस्था एवं योजना क्षेत्र में विद्युत व जल की उपलब्धता की स्थिति का विवरण हो एवं लाभार्थी स्वयं के अंशदान तथा वॉछित बैंक का भी उल्लेख होना चाहिये।

 

 

 

TERMS AND CONDITIONS

 

1.     The GOI subsidy is tentative and subject to change depending on the GOI terms and conditions, actual demensions/volume/cost on the completion and successful commissioning of project.
2.     The subsidy shall depend on the fulfillment of the terms and conditions as stipulated under the scheme from time to time and availability of funds from GOI/NABARD HO under the schemes.
3.     Banks may ensure that the various terms and indicated in the operational guidelines and instructions from time to time are strictly adhered to while implementing the scheme.
4.     The norms/stipulations for scientific construction of Godowns and as indicated in the operatioinal guidelines issued to the banks under the scheme may be strictly adhered to.
5.     The subsidy shall be credit linked and back ended. The subsidy shall be released as per the norms/stipulations under the scheme.
6.        The construction of the Godown may be done under the supervision of a qualified engineer/consultant as per BIS norms and in confirmation with guidelines issued under Grameen Bhandaran Yojna.

 

 

 

 

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