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सूचना

प्राथमिक भूमि विकास बैंकों द्वारा वर्तमान में किसानों एवं लघु उद्यमियों को 12.50 प्रतिशत वार्षिक ब्‍याज दर पर दीर्घकालीन ऋण उपलब्‍ध करवाये जा रहे हैं।

   
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संशोधित महिला विकास ऋण योजना

केन्द्र सरकार, राज्य सरकार एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा महिलाओं के उत्थान एवं उन्हें आर्थिक दृष्टि से सक्षम बनाने के लिए अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रत्येक ग्रामीण, विधवा एवं कमजोर वर्ग की महिलाओं को आय के साधन जुटाने, आत्म निर्भर बनाने की दृष्टि से राज्य के सहकारी भूमि विकास बैंकों द्वारा महिला विकास ऋण योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना के मुख्य बिन्दु निम्न प्रकार हैं--

view more उद्देश्य   view more प्रतिभूति      
view more ऋणी की पात्रता   view more बीमा    
view more ऋण प्रक्रिया   view more हिस्सा राशि एव प्रशासनिक शुल्क    
view more ऋण सीमा   view more ऋण क्षमता    
view more ब्याज दर   view more ऋण भुगतान कि क्षमता    
view more ऋण चुकारे की अवधि   view more महिला विकास समिति के सद्स्यो को ऋण    

 

 

1- उद्देश्य

-इस योजनान्तर्गत महिलाओं को कुटीर उद्योगों, हस्तशिल्प, ग्रामीण उद्योगों, डेयरी ऋण सुविधा उपलब्ध है। उदाहरणार्थ: चूड़ी निर्माण, मिट्‌टी के बर्तन बनाना, कशीदा, कढ़ाई, खिलौने बनाना, चटाई बनाना, बुनाई कार्य, टेलरिंग, ब्यूटी पार्लर, जरी का कार्य, चमड़ा उद्योग, शर्बत बनाना, कम्प्यूटर,, महिलाओं को दो ग्रेडेड मुर्रा भैस/ दो संकर गाय/ एक मुर्रा भैस एवं एक संकर गाय हेतु राज्य सहकारी भूमि विकास बैक द्वारा अनुमोदित इकाई लागतों के अनुरूप ऋण दिया जा सकता है। महिला विकास योजनान्तर्गत अधिकतम ऋण सीमा रू 50,000/-रू है।

 

2- ऋणी की पात्रता--

1. महिला प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक के कार्यक्षेत्र की निवासी हो ।

2. ऋण प्राप्त करने हेतु दो व्यक्तियों को, जिनमें से एक महिला के पति अथवा निकटतम रिश्तेदार हों, से ऋण एवं ब्याज के समय पर चुकारे के संबंध में निर्धारित प्रपत्र में जमानत देनी होगी। महिला के पति अथवा रिश्तेदार के स्वयं के नाम से भारमुक्त अचल सम्पति हो, जिसके स्वामित्व संबंधी मूल पत्रादि जमानत स्वरूप बैंक में रखने होंगे।

3. दूसरे जमानतदार के सम्पति के पत्रादि की सत्यापित प्रति प्राप्त की जावेगी।

4. दोंनों ही जमानतदारों की ऋण राशि के अनुरूप भारमुक्त अचल सम्पति की जमानत स्वीकार्य होगी।

5. जमानतदार के स्वय के नाम से भार मुक्त अचल सम्पती हो जिसके स्वमित्व सम्बन्धी मुले पजादि जमानत स्वरूप बैंक मे प्रस्तुत करने होंगे ।

6. प्राथी 1 जमानतदार (गारंटर) के राष्ट्रीय बचत पत्र, किसान विकास पत्र अथवा भूमि विकास बैंक मे सावधि प्रतिभुति स्वरूप मानकर ऋण क्षमता का निर्धारण किया ज़ाएगा ।

7. दोनो ही जमानतदारो कि ऋण राशि के अनुसार भार मुक्त अचल सम्पति एवम प्रस्तुत तरल प्रतिभुति कि जमानत स्वीकार होगी ।

 

3- ऋण प्रक्रिया--

1- ऋण प्राप्त करने हेतु सहकारी भूमि विकास बैंक की शाखा से प्रार्थना पत्रा प्राप्त कर उसे पूर्ण भरकर शाखा में जमा कराना होगा।

2- प्रार्थना पत्र के साथ निम्न पत्रादि संलग्न किए जावें

2-1- विकास कार्य की अनुमानित लागत का ब्यौरा।

2-2- जमानत के संबंध में निर्धारित प्रपत्रों में घोषणा पत्र व स्वामित्व संबंधी पत्रादि।

2-4- क्षेत्र की सहकारी एवं वाणिज्यिक बैंकों से ना बकायात प्रमाण पत्रा/शपथ पत्र।

2-5- डीड ऑफ गारण्टीज।

 

 

4- ऋण सीमा--

महिला विकास योजनान्तर्गत अधिकतम ऋण सीमा 50,000/- रू- है।

बैंक ऋण से क्रय कि जा रही आस्ति के मुल्य के 90 प्रतिशत तक ऋण स्वीकृ्त किया जएगै ।

 

5- ब्याज दर--

बैंक द्वारा समय ≤ पर परिवर्तित ब्याज दर लागू होगी । अवधिपार राशि पर 3 प्रतिशत की दर से दण्डनीय ब्याज देय होगा ।

 

6- ऋण चुकाने की अवधि--

ऋण चुकारे की अधिकतम अवधि 5 वर्ष होगी, जिसमें तीन माह का ग्रेस पीरियड सम्मिलित है। ऋण का चुकारा, इकाई की आय के अनुरूप मासिक/त्रौमासिक किश्तों में किया जाएगा।

 

7- प्रतिभूति--

1. जमानत देने वाले व्यकितयो कि वितिय स्थिति सुद्रढ होनि चहिये ।

2. उसके पास भार रहित स्वय / जमानतदार (गारंटर) के स्वमित्व सम्बन्धि अचल सम्पति, राष्ट्रीय बचत पत्र, किसान विकास पत्र अथवा भूमि विकास बैंक मे सावधि जमा राशि के खरीद मुल्य के 80 प्रतिशत तक ऋण स्वीकृत किया जा सकता है । स्वीकृत ऋण भुगतान से पूर्व इनको बैंक के पक्ष मे नामाकिंत क्राया जाना आवश्यक है ।

3. बैंक ऋण से सृजित आस्तियो को बैंक के पक्ष के हाइपोथिकेट करानी होगी ।

 

8- बीमा--

1. बैंक ऋण से क्रय किये गये दुधारू पशुओं का बीमा कराया जावेगा जो बैंक के पक्ष में होगा।

2. बीमा राशि ऋणी द्वारा वहन कि जएगी ।

3.बीमे कि मूल प्रति बैंक मे ऋणी सदस्य कि पत्रावली मे रखी जावेगी , जिसका नवीनीकरण ऋण कि अवधि तक प्रत्येक वर्ष बैंक द्वारा कराया जाएगा ।

4. नवीनीकरण कि सुचना ऋणी सदस्य को दी जावेगी एवम बीमा प्रिमियम कि राशि ऋणी से किश्त के साथ प्राप्त कि जावेगी ।

 

9- हिस्सा राशि एव प्रशासनिक शुल्क

ऋणी को ऋण के अनुपात में केवल 3 प्रतिशत की दर से हिस्सा राशि एवं 0.25 प्रतिशत प्रशासनिक शुल्क देय होगा ।

 

10- ऋण भुगतान कि क्षमता--

1. ऋणी सद्स्य के ऋण क्षमता का आंक्लन अकृषि एव डेयरी प्रयोज़न से प्राप्त शुढ आय के आधार पर किया जाएगा ।

2. ऋण चुकोती क्षमता शुढ आय का अधिकतम 75 प्रतिशत मानी जावेगी ।

 

11- ऋण क्षमता..

बैंक ऋण सृजित होनि वाली आस्तियोन के मुल्य के 90 प्रतिशत प्रार्थी कि क्षमता मानी जावेगी ।

 

12- ऋण वितरण प्रक्रिया

1.मशीनरी /दुधारु पशु हेतु ऋण का भुगतान सम्बन्धित डीलर / सप्लायर को किया जायेगा

2. शेष राशि का भुगतान ऋणी को किया जायेगा ।

 

13- महिला विकास समिति के सद्स्यो को ऋण :

राज्य कि महिला सहकारी समितियो को भूमि विकास के मध्यनजर भूमि विकास बैंको द्वारा अब महिला सहकारी समिति कि महिला सदस्यो को भी ऋण दिया जा सकता है ।

 

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